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Thursday, June 22, 2023

0606

ना जानें कौन सी शिकायतों के हम शिकार हो गए ।
दिल साफ था जितना, उतने ही हम गुनहगार हो गए ।।
© Shiv Pratap Singh Shakya - Agra
#MahiTera
#Heer 

Saturday, May 27, 2023

0605

नशा चढ जाता है हमें बस, तुम्हे सोचने भर से ही...

सोचों क्या होगा तब, जब तुम से मुलाकात होगी...

0604

नशा चढ जाता है हमें बस, तुम्हे सोचने भर से ही...

सोचों क्या होगा तब, जब तुम से मुलाकात होगी...

0603

खामोशी के भी अपने अल्फ़ाज़ होते है,

अगर तुम समझ जाते, तो आज मेरे होते।

Sunday, May 7, 2023

0602

सुना है बड़ी रौनक है उस कस्बे में,
लग रहा है वो अपने मायके आई है..

Sunday, April 9, 2023

0601

यदि किसी टूटी हुई स्त्री ने आकर,
चुपचाप तुम्हारे कंधे पर सर रख दिया हो!🥀
तो बेहिचक बताना सबको,
कि संसार के सबसे भरोसेमंद पुरुष हो तुम!💞

यदि कोई तुम्हारा परिचित,
तुम्हारे पुकारने पर आकर टूट गया हो!🥀
और बह गया हो फूट-फूट कर,
तो कहना कि संसार के सबसे गहरे मित्र हो तुम!💞

यदि तुम्हे नहीं सूझे कभी भी,
कोई भी सवाल उसके लिए!🥀
जिसके प्रेम मे हो तुम,
तो समझ लेना कि संसार के सबसे सच्चे प्रेमी हो तुम!❤️❤️

0600

इश्क़ उसी से करो जिसमें खामियाँ बेशुमार हो...

ये खूबियों से भरे चेहरे इतराते बहुत हैं...!!🍁🍁

Monday, January 30, 2023

0599

किसी सफर में बिछड़े हुए मुसाफ़िर की तरह...!!!

मैं वो मलाल हूं जो तुझे उम्र भर रहेगा...!!!

Sunday, January 29, 2023

0598

तेरे बदले में भी मुझे तू चाहिए..
कुछ चीज़ों में फेरबदल मुझे अच्छा नहीं लगता।
#Heer 

Thursday, November 17, 2022

0597

हैं होंठ उसके किताबों में लिखी तहरीरों जैसे ।
 उँगली रखो तो आगे पढ़ने को जी करता है ।। 

Saturday, November 12, 2022

0596

तुम्हारे शहर के सारे दिए तो सो गए कब के,
हवा से पूछना दहलीज़ पे ये कौन जलता है..
#MahiTera 
#ShivShakya
#Agra
#LoveQuotes
#Shayari 
#Love

Tuesday, November 8, 2022

0595

जीत मुमकिन नही इश्क़ में...

खुद को हारना ही तो इश्क़ है...

Tuesday, June 14, 2022

0594

मैं अपनी रूह की पोशाक भी उसे पहना देता...|

वो एक शख्स मुझमें रहने का फैसला तो करता...||
🧡

Tuesday, June 7, 2022

0593

धड़कनों के भी उसूल होते हैं साहब,

ये हर किसी के लिए तेज नही होती..!!
🧡

0592

सही वक्त पर करवा देंगे हदों का एहसास, 
 कुछ तालाब खुद को समंदर समझ बैठे हैं।

Saturday, January 29, 2022

0591

बहोत ठण्ड है आज मेरे शहर में
तुम कहो तो कुछ यादें जला दू..

Thursday, November 25, 2021

0590

लौटाने आये थे वो कानों का झुमका 
देख कर नाक की नथनी फिर बहक गये

Sunday, October 17, 2021

0589

रहे ना कुछ मलाल, पूरी शिद्दत से कर,
नफरत भी कर तो मोहब्बत से कर..

Saturday, October 9, 2021

0588

तेरे  सिवा  भी  कई  रंग ख़ुशनज़र थे मगर,, 
जो तुझको देख चुका हो वो और क्या देखे??

Friday, October 1, 2021

0587

मुझे वहाँ से पढ़िए,

जहाँ से मैं ख़ामोश हूँ।