Ads 468x60px

Labels

Thursday, November 17, 2022

0597

हैं होंठ उसके किताबों में लिखी तहरीरों जैसे ।
 उँगली रखो तो आगे पढ़ने को जी करता है ।। 

Saturday, November 12, 2022

0596

तुम्हारे शहर के सारे दिए तो सो गए कब के,
हवा से पूछना दहलीज़ पे ये कौन जलता है..
#MahiTera 
#ShivShakya
#Agra
#LoveQuotes
#Shayari 
#Love

Tuesday, November 8, 2022

0595

जीत मुमकिन नही इश्क़ में...

खुद को हारना ही तो इश्क़ है...

Tuesday, June 14, 2022

0594

मैं अपनी रूह की पोशाक भी उसे पहना देता...|

वो एक शख्स मुझमें रहने का फैसला तो करता...||
🧡

Tuesday, June 7, 2022

0593

धड़कनों के भी उसूल होते हैं साहब,

ये हर किसी के लिए तेज नही होती..!!
🧡

0592

सही वक्त पर करवा देंगे हदों का एहसास, 
 कुछ तालाब खुद को समंदर समझ बैठे हैं।

Saturday, January 29, 2022

0591

बहोत ठण्ड है आज मेरे शहर में
तुम कहो तो कुछ यादें जला दू..